
संसद सत्र के छठे दिन सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट की तुलना महाभारत के चक्रव्यूह से की। राहुल ने कहा- हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसाकर 6 लोगों ने मारा था। चक्रव्यूह का दूसरा नाम है- पद्मव्यूह, जो कमल के फूल के शेप में होता है। इसके अंदर डर और हिंसा होती है।
21वीं सदी में एक नया ‘चक्रव्यूह’ रचा गया है- वो भी कमल के फूल के रूप में तैयार हुआ है। इसका चिह्न प्रधानमंत्री अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। अभिमन्यु के साथ जो किया गया, वह भारत के साथ किया जा रहा है। आज चक्रव्यूह के बीच में 6 लोग हैं। ये 6 लोग- नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजित डोभाल, अडाणी और अंबानी हैं।

राहुल के भाषण की 9 मुख्य बातें…
1. किसान MSP पर गारंटी मांग रहे, आप 3 काले कानून ले आए
राहुल ने कहा- किसान आपसे एमएसपी की लीगल गारंटी की मांग कर रहे हैं। आपने उनको बॉर्डर पर रोक रखा है। किसान मुझसे मिलने यहां आना चाहते थे। आपने उनको यहां आने नहीं दिया, आपने किसानों के लिए क्या किया, तीन काले कानून लाए। इस पर स्पीकर ने कहा कि सदन में गलत ना बोलें।
2. जिनके पास देश का बिजनेस, उन पर बोलने से रोकना मंजूर नहीं
कांग्रेस सांसद बोले- ये जो दो लोग (अंबानी-अडाणी) हैं, ये हिंदुस्तान के इन्फ्रास्ट्रक्चर को और बिजनेस को कंट्रोल करते हैं। इनके पास एयरपोर्ट्स हैं, टेलिकॉम हैं, अब रेलवे में जा रहे हैं। इनके पास हिंदुस्तान के धन की मोनोपॉली है। अगर आप कहो कि इनके बारे में नहीं बोल सकते तो ये हमें स्वीकार नहीं है। हमें तो बोलना है।
3. स्पीकर से बोले- क्या अंबानी-अडाणी को A1, A2 कह सकता हूं
राहुल की स्पीच में चक्रव्यूह के 6 किरदारों के जिक्र पर सत्तापक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा- जो सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम नहीं जाना चाहिए। इस पर राहुल ने कहा कि आप कहते हैं तो एनएसए, अंबानी और अडाणी का नाम निकाल देता हूं। फिर राहुल ने पूछा- क्या इन्हें A1, A2 कह सकता हूं।
4. फोटो दिखाकर कहा- देश में 73% पिछड़े-दलित, इन्हें कहीं जगह नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने बजट की हलवा सेरेमनी का फोटो दिखाते हुए कहा कि इसमें एक भी आदिवासी, दलित या पिछड़ा अफसर नहीं दिख रहा है। 20 अफसरों ने बजट तैयार किया। आपने एक माइनॉरिटी और एक ओबीसी को रखा, बाकी को तो फोटो में आने ही नहीं दिया। देश में तकरीबन 73 फीसदी दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग हैं, लेकिन इनको कहीं जगह नहीं मिलती।

5. बजट के जरिए मिडिल क्लास की पीठ और छाती में छुरी मारी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट से पहले मिडिल क्लास प्रधानमंत्री को सपोर्ट करता था। कोविड के समय जब थाली बजाने को कहा तब मिडिल क्लास ने थाली बजाई। आपने कहा कि मोबाइल फोन की लाइट जलाओ तो जलाई, लेकिन आपने मिडिल क्लास की पीठ में और छाती में छुरी मारी। अब मिडिल क्लास आपको छोड़ने जा रहा है और इधर आ रहा है।
6. देश की 95% जनता जानना चाहती है- हमारी भागीदारी कितनी
कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश की 95% जनता जानना चाहती है कि बजट में हमारी भागीदारी कितनी है। बांटता कौन है, वही दो-तीन परसेंट लोग और बंटता किनमें हैं, वही दो-तीन परसेंट लोगों में। जाति जनगणना से देश बदल जाएगा। जाति जनगणना से आप लोग डरते हो, कांपते हो। आपने जो ये चक्रव्यूह बना रखा है, उसे हम तोड़ने जा रहे हैं। हम इस हाउस में जाति जनगणना बिल पास करेंगे।
7. बढ़ई ने बताया- अपनी बनाई टेबल देखने शोरूम नहीं जा सकता
राहुल गांधी ने कहा कि कुछ महीने पहले मैंने छह-सात बढ़इयों के साथ काम किया। एक विश्वकर्मा जी से पूछा कि आप यहां वर्षों से बढ़ई का काम कर रहे हो, आपको किस बात से तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि राहुल जी मुझे दुख इस बात का होता है कि मैं ये टेबल बना रहा हूं, लेकिन जिस शो-रूम में ये टेबल रखी जाती है, मैं उसमें अंदर जा ही नहीं सकता। एक मोची ने मुझे बताया कि मेरा सम्मान सिर्फ मेरे पिता ने किया था और किसी ने नहीं किया।

8. राहुल बोले- A-1, A-2 की रक्षा के लिए संसदीय कार्य मंत्री को ऊपर से ऑर्डर मिला
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन का नियम नहीं मालूम है। उन्होंने स्पीकर को चैलेंज करके गरिमा को गिराया है। इस पर राहुल बोले- A-1 और A-2 की रक्षा करनी है, मैं समझता हूं… ऊपर से ऑर्डर आया है, इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मैं सिर्फ जो परिस्थिति बनी है, उस पर बोलने के लिए खड़ा हुआ हूं।
9. अग्निवीर के परिवार को आर्थिक सहायता नहीं, केवल बीमा की रकम मिली
राहुल ने कहा कि रक्षा मंत्री ने कहा था कि शहीद हुए अग्निवीर के परिवार को कॉम्पेन्सेशन दिया गया। वो पूरी तरह गलत था। अग्निवीर के परिवार को केवल इंश्योरेंस का पैसा दिया गया था, आर्थिक सहायता नहीं, यही सच्चाई है। राहुल के भाषण के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अग्निवीरों को लेकर कभी भी सदन में स्टेटमेंट देने को तैयार हूं।
राहुल के भाषण के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण सिर पकड़े नजर आईं
राहुल ने लोकसभा में कुल 46 मिनट भाषण दिया। इसमें 4 बार अडाणी-अंबानी का नाम लिया, दो बार मुंह पर उंगली रखी। स्पीकर ने भाषण के दौरान राहुल को 4 बार टोका। राहुल ने जब हलवा सेरेमनी का पोस्टर लहराया, तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिर पकड़ लिया।

संसद में मंगलवार को दिनभर की कार्यवाही जानने के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

मेरा कहना है कि ये जो चक्रव्यूह है उससे करोड़ों लोगों को नुकसान हो रहा है। हम उसे तोड़ने जा रहे हैं। जातीय जनगणना से। इस सदन में हम आपको पास करके दिखाएंगे। जातीय जनगणना से ये चक्रव्यूह टूट जाएगा। हम पूरा दम लगाकर ये काम करेंगे।
राहुल ने कहा- मैं कुछ दिनों पहले बढ़ईयों और मोची से मिला
कुछ महीने पहले, चक्रव्यूह जो बनाए गए हैं। मैं इनको समझने की कोशिश करता हूं। अपने तरीके से। मैंने बढ़ईयों के साथ काम किया। मैंने उनसे पूछा आपको किस चीज से दुख है, दर्द होता है। उन्होंने कहा- राहुल, मैं ये टेबल बना रहा हूं। मुझे दुख इस बात का है मगर जिस शोरूम में ये रखी जाती है मैं वहां जा ही नहीं सकता। सुल्तानपुर में एक मोची भाई से यही सवाल पूछा उसने कहा- मेरा सम्मान सिर्फ मेरे पिता ने किया और किसी ने नहीं किया।
राहुल बोले- हिंसा-नफरत हिंदुस्तान का नेचर नहीं है
चक्रव्यूह को पद्मव्यूह भी कहते हैं, पद्मव्यूह वाले सोचते हैं देश के युवा पिछड़े लोग अभिमन्यु हैं। हिंसा, नफरत हिंदुस्तान का नेचर नहीं है। चक्रव्यूह देश का नेचर नहीं है। हर धर्म चक्रव्यूह के खिलाफ फॉर्मेशन होता है। हिंदू धर्म में इसका फॉर्मेशन क्या है- शिव की बारात। इसमें कोई भी आ सकता है। गुरुनानक जी, तो सेवा से किसी को नहीं रोका जा सकता है। लंगर से कोई बाहर नहीं किया जा सकता है। इस्लाम में चर्च में से कोई बाहर नहीं किया जा सकता।
राहुल बोले- हिंदुस्तान का हलवा 20 लोगों ने बांटा

राहुल ने बजट के हलवा सेरेमनी की फोटो सदन में दिखाते हुए कहा- ये बजट का हलवा इस फोटो में बंट रहा है। इसमें कोई पिछड़ा दलित या आदिवासी अफसर नहीं दिख रहा है। देश का हलवा बंट रहा है इसमें केवल वही लोग नहीं हैं। 20 अफसर ने बजट बनाया है। मतलब हिंदुस्तान का हलवा 20 लोगों ने बांटा है। बांटता कौन है वही दो या तीन प्रतिशत लोग, मिलता किसे है? केवल इन तीन प्रतिशत को ही। बाकी 99 प्रतिशत को क्या मिलता है?
राहुल ने कहा- दलित, आदिवासी, पिछड़े लोगों को कहीं जगह नहीं मिलती
देश में तकरीबन 73 प्रतिशत दलित आदिवासी और पिछडे़ लोग हैं। ये देश की असली ताकत हैं। सच ये हैं कि इन्हें कहीं जगह नहीं मिलती है। इनको सरकारों में जगह नहीं मिलती है। ओम बिरला- मैंने पहले भी आपसे अपेक्षा की थी, आप नेता प्रतिपक्ष हैं। आप सदन की मर्यादा को बनाए रखें।
मिडिल क्लास को लेकर राहुल ने कहा- मोदी सरकार ने पीठ में छुरा घोंपा
मिडिल क्लास जो है, वो बजट से पहले पीएम ने लोगों से दबाकर थाली बजवाई। हमें अजीब लगा, लेकिन पीएम ने ऑर्डर दिया तो थाली बजाई। उन्होंने कहा फोन की लाइट जलाओ तो लाइट जली। इस बजट में आपने उसी मिडिल क्लास के एक छुरा पीठ में और एक छाती पर मारा। इसमें इंडिया गठबंधन के लिए फायदा है कि मिडिल क्लास आपको छोड़कर हमारे पास आ रहा है। आप चक्रव्यूह बनाने का काम करते हैं, हम उसे तोड़ने का काम कर रहे हैं। आप सोचते हैं कि गरीब लोग सपना न देख पाएं।
राहुल बोले- इंडिया ब्लॉक की गारंटी, एमएसपी लागू करके रहेंगे
हम चाहते थे जो अन्नदाता है जो सरकार से एमएसपी मांग रहा है। हमें लगता था सरकार बजट में इसका प्रावधान कर देती तो जो किसान चक्रव्यूह में फंसे हैं वे निकल पाते। आपने नहीं किया तो मैं यहां इंडिया ब्लॉक की तरफ से गारंटी देता हूं कि हम इस सदन में पास करके आपको देंगे।
राहुल का आरोप- किसानों को मिलने के लिए अंदर आने नहीं दिया गया
राहुल ने कहा- किसानों को आपने बॉर्डर पर रोक दिया। वो मुझसे मिलने आए, आप उनको अंदर नहीं आने देते। हुआ क्या, वहां पर कुछ किसान आए। मुझे बताया गया कि उन्हें अंदर नहीं आने देंगे। जब मैं गया तब आने दिया गया। फैक्ट ये है जब मीडिया के साथ गया तब संसद के दरवाजे खुले उसके पहले बंद थे। बिरला बोले- किसे आने दें किसे नहीं ये फैसला स्पीकर करते हैं। दूसरा आपकी मौजूदगी में कोई दूसरा बाइट नहीं दे सकता।
राहुल ने अग्निवीर, पेपर लीक और किसानों के मुद्दे उठाए

राहुल बोले- पेपर लीक के बारे में वित्त मंत्री ने एक शब्द नहीं कहा। युववाओं के लिए सबसे जरूरी मुद्दा है, उसके बारे में एक शब्द नहीं कहा। दूसरी तरफ, पहली बार सेना के जवानों को आपने अग्निवाीर के चक्रव्यूह में फंसाया। इस बजट में एक पैसा उनकी पेंशन के लिए नहीं है। बजट में आपने एक रूपया नहीं दिया। तो उनको आपने अग्निवीर के चक्रव्यूह में फंसाया। उसके बाद जो अन्नदाता है, उनके लिए तीन काले कानून बनाए।
राहुल ने कहा- देश के 99% युवाओं के पास काम नहीं
वित मंत्री बैठी हैं, युवाओं के लिए क्या किया। बजट में इंटर्नशिप प्रोग्राम की बात की। शायद ये मजाक है। आपने कहा हिंदुस्तान की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में काम मिलेगा। लेकिन 99% युवाओं के लिए नहीं है।
ओम बिरला ने राहुल को टोका, तो बोले- अंबानी-अडाणी को निकाल देता हूं
ओम बिरला- मैं नेता प्रतिपक्ष से अपेक्षा करता हूं कि वे नियमों का पालन करें। इस पर राहुल ने कहा- अगर आप कहते हैं तो मैं अंबानी -अडाणी का नाम लिस्ट से निकाल देता हूं। चक्रव्यूह जो भारत को घेरे हुए है। इसमें तीन ताकतें लगी हैं। पहला फाइनेंशियल पॉवर, दूसरा- एजेंसी की शक्ति।
राहुल बोले- 21वीं सदी में दूसरा चक्रव्यूह, उसका आकार लोटस जैसा है
मैंने रिसर्च की तो पाया कि चक्रव्यूह का दूसरा मतलब भी होता है। 21वीं सदी में दूसरा चक्रव्यूह भी बना है उसका आकार भी लोटस जैसे है। उसे पीएम अपनी छाती पर लगाकर चलते हैं। जो अभिमन्यु के साथ हुआ वही हिंदुस्तान के साथ हो रहा है। आज भी चक्रव्यूह के बीच 6 लोग हैं। बिलकुल सेंटर में। जैसे उस वक्त 6 लोग कंट्रोल करते थे, वैसे ही आज भी कर रहे हैं। मोदीजी, अमित शाह, भागवत जी, अंबानी, अडाणी और अजित डोभाल।
राहुल बोले- बीजेपी में केवल एक आदमी को पीएम बनने का सपना
मेरे दोस्त हंस रहे हैं, लेकिन वे भी डरे हुए हैं। बीजेपी में केवल एक आदमी को पीएम बनने का सपना देखने का अधिकार है। क्यों मेरे बीजेपी के दोस्त, मंत्री, युवा डरे हुए हैं। इसके बारे में मैंने सोचा और एक जवाब देता हूं। हजारों साल पहले हरियाणा कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु को 6 लोगों ने चक्रव्यूह में फंसाकर मारा था। चक्रव्यूह के अंदर डर होता है, हिंसा होती है। उसे चक्रव्यूह में फंसा 6 लोगों ने मारा था।
राहुल गांधी लोकसभा पहुंचे, भाषण देना शुरु किया
लोकसभा में दोपहर 2 बजे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सदन पहुंचे। उन्होंने बजट पर अपनी बात रखी।
राज्यसभा में बीजेपी सांसद बोले- घटना के जो जिम्मेदार, उनके माथे पर शिकन नहीं
कोचिंग हादसे पर राज्यसभा में बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- इस घटना के जो जिम्मेदार हैं। उनकी आखों में एक आंसू तो छोड़िए माथे पर शिकन तक नहीं है। ये घटना अचानक नहीं घटी। स्टूडेंट ने कई बार शिकायत की। बड़ी हैरानी की बात है कि कुछ दिन पहले दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा था। आज सीवर के पानी से उनकी जान जा रही है।
अखिलेश बोले- कोचिंग हादसा दुखद घटना, सवाल है कि इसका जिम्मेदार कौन
कोचिंग हादसे पर सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, यह एक दर्दनाक घटना है। योजना बनाना और एनओसी देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है, सवाल यह है कि कौन जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है। यह अवैध निर्माण का सिर्फ एक मामला नहीं है, हम यूपी में देख रहे हैं कि अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, क्या यह सरकार यहां बुलडोजर चलाएगी या नहीं?”
DMK सांसद बोले- बजट में तमिलनाडु को नजरअंदाज किया गया
डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कहा- बजट सत्र शुरू हो चुका है। वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश किया। जहां तक तमिलनाडु का सवाल है, हम इस बात से दुखी हैं कि हमें पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। बजट में यह घोषणा की गई है कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले कुछ राज्यों – जैसे बिहार और झारखंड – को कुछ मुआवजा दिया जा सकता है। जबकि तमिलनाडु पहले से ही बाढ़ और चक्रवात से प्रभावित है और हमने 37,000 करोड़ रुपये की राहत देने का अनुरोध किया था। लेकिन अभी तक केवल 276 करोड़ रुपये ही दिए गए हैं।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- कोचिंग मुद्दे पर चर्चा जरूरी, सभी दलों को मीटिंग में बुलाया
राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने दिल्ली कोचिंग हादसे पर चर्चा करते हुए कहा- कोचिंग बाजार बन गया है। जब भी हम कोई न्यूज पेपर पढ़ते हैं, तो पहले एक या दो पन्नों पर उनके विज्ञापन होते हैं। इस पर चर्चा जरूरी है। सभापति ने सभी दलों के नेताओं को मीटिंग के लिए बुलाया है।
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा- दिल्ली में लापरवाही से जानें गईं
दिल्ली में नाले का पानी कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में भर गया। जिसमें तीन स्टूडेंट की मौत हो गई। दिल्ली में IAS की तैयारी करने आए ये बच्चे दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण बच्चों की जान चली गई। एमसीडी दिल्ली सरकार के नियंत्रण में है। वहां के स्थानीय निवासी विधायकों से शिकायत कर रहे थे। लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
लोकसभा में प्रश्नकाल समाप्त
लोकसभा में सुबह 11 बजे शुरु हुआ प्रश्नकाल एक घंटे चला। अब यह समाप्त हो गया है।
श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया बोले- बंगाल में प्रदर्शन होता है, कहते हैं नौकरी नहीं
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने वेस्ट बंगाल में बेरोजगारी पर सवाल पूछा। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने जवाब दिया कि, देश की आबादी का 7% पश्चिम बंगाल में है। वहां FDI की जरूरत है। आप कंपनी के सामने प्रदर्शन करते हैं। फिर फैक्ट्री बंद हो जाती है तो आप कहते हैं रोजगार नहीं है।
26 जुलाई : मानसून सत्र का पांचवां दिन

सत्र के पांचवें दिन लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने कहा था कि जेडीयू और टीडीपी चुनाव से पहले भाजपा के साथ है। ये प्री-पोल अलायंस है। हमारा अलायंस फेविकोल से जुड़ा हुआ है। ये हमेशा बना रहेगा।
उन्होंने आगे कहा था कि-हम पहले (इन्हीं) विपक्ष के साथ (बिहार में) थे। ये लोग गिद्ध की तरह थे। लेकिन अब छोड़कर जा चुके हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा- 99 का आंकड़ा बड़ा खतरनाक होता है। लूडो खेला है तो जानते होंगे कि अगर सांप काट ले तो नीचे आ जाएंगे।
25 जुलाई: मानसून सत्र का चौथा दिन

सत्र के चौथे दिन सदन में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी उठा था। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि संविधान खतरे में है। हम यहां हंसने की बात करते हैं, पिछड़ों की बात करते हैं, दलितों की बात करते हैं, आदिवासियों की बात करते हैं।
सभी सरकारों (चाहें केंद्र की हो या राज्य सरकारें) का एक ही लक्ष्य होता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना होता है। मैं संथाल परगना से आता हूं। जब संथाल परगना (झारखंड) बिहार से अलग हुआ, तब यहां आदिवासी 36% थे। आज यहां आदिवासियों की पॉपुलेशन 26% है। 10% आदिवासी कहां गायब हो गए? इसके बार में ये सदन कभी चर्चा नहीं करता, चिंता नहीं करता, बल्कि वोट बैंक की पॉलिटिक्स करता है।
झारखंड की सरकार की तरफ से भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। बांग्लादेश का घुसपैठ लगातार बढ़ रहा है। बांग्लादेश घुसपैठिए आदिवासी महिलाओं के साथ शादी कर रहे हैं।
ये हिंदू-मुसलमान का मामला नहीं है। हमारे यहां जो महिला लोकसभा का चुनाव आदिवासी कोटे से लड़ती हैं, उनके पति मुसलमान हैं। जिला परिषद की अध्यक्ष के पति मुसलमान हैं। हमारे यहां 100 आदिवासी मुखिया है, उनके पति मुसलमान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
24 जुलाई: मानसून सत्र का तीसरा दिन

बुधवार को सुबह सदन शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के बाहर केंद्र सरकार के बजट के विरोध में प्रदर्शन किया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद सदन में भी बजट को लेकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल में राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष के नेताओं ने वॉकआउट किया। वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ शेम-शेम का नारा लगाते हुए सदन से बाहर चले गए।
विपक्ष द्वारा बजट को भेदभाव वाला बताने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- बजट में सभी राज्यों का नाम लेने का मौका नहीं मिलता। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के नेता जानबूझकर ऐसे आरोप लगा रहे हैं, ताकि लोगों को लगे कि उनके राज्य को कुछ नहीं मिला। यह ठीक नहीं है।
चर्चा के दौरान राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति से कहा- माताजी (वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण) बोलने में एक्सपर्ट हैं। इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ बोले- वो माताजी नहीं, आपकी बेटी की उम्र के बराबर हैं।
वहीं, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रही है। लोकसभा और राज्यसभा में एक भी मुस्लिम सांसद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
23 जुलाई: मानसून सत्र का दूसरा दिन

मंगलवार को निर्मला सीतारमण ने 1 घंटे 23 मिनट का बजट भाषण दिया। बजट में उनका फोकस शिक्षा, रोजगार, किसान, महिला और युवाओं पर रहा। इसके अलावा नीतीश कुमार के बिहार और चंद्रबाबू नायडू के आंध्र प्रदेश पर केंद्र सरकार मेहरबान रही।
बजट में नई टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए अब 7.75 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री हो गई है। यानी उन्हें 17.5 हजार रुपए का फायदा हुआ है। पहली नौकरी वाले जिनकी सैलरी 1 लाख रुपए से कम होगी, उन्हें सरकार अधिकतम 15 हजार रुपए तीन किश्तों में देगी।
मोदी सरकार 3.0 बिहार के CM नीतीश कुमार की JDU और आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू की TDP के भरोसे केंद्र में सत्ता चला रही है। वित्त मंत्री ने बिहार में इंफ्रा और अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए 58 हजार 900 करोड़ रुपए और आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपए की घोषणा की। पूरी खबर यहां पढ़ें…
22 जुलाई: मानसून सत्र का पहला दिन
सोमवार को मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे से भरा रहा। प्रधानमंत्री मोदी सुबह 10:15 बजे संसद पहुंचे और सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से 21 मिनट बात की। उन्होंने विपक्ष पर अपनी आवाज दबाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जून में नई संसद के गठन के बाद देश के प्रधानमंत्री का गला घोंटने का प्रयास किया गया। मुझे इसका कोई दुख नहीं है। इस बार हम मजबूत बजट लेकर आ रहे हैं। विपक्ष से अपील है कि लोकसभा चुनाव में जितनी लड़ाई लड़नी थी हमने लड़ ली। अगले 5 साल देश के लिए लड़ना और जूझना है।
विपक्ष ने उठाया NEET में गड़बड़ी का मुद्दा
इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 11:05 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू हुआ। इस दौरान विपक्ष ने NEET में गड़बड़ी की वजह से कई स्टूडेंट्स की मौत का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कुछ ही जगहों पर गड़बड़ी हुई है। CBI मामले की जांच कर रही है। वहीं सपा नेता अखिलेश यादव ने भी NEET मामले पर सरकार पर तंज कसा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
- 22 जुलाई : केंद्र सरकार इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी। इसमें अगले एक साल में देश की अर्थव्यवस्था का अनुमान बताया जाता है। आसनसोल सांसद शत्रुघ्न सिन्हा शपथ लेंगे।
- 23 जुलाई : केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी। निर्मला सीतारमण सातवीं बार बजट पेश करने वाली पहली महिला और दूसरी वित्त मंत्री होंगी।
- 24-26 जुलाई : बजट पर दोनों सदनों में बहस हो सकती है। यह अगले तीन-चार दिनों तक चलने की संभावना है।
- 27-28 जुलाई : शनिवार और रविवार का साप्ताहिक छुट्टी रहेगी।
- 29 जुलाई : संसद में बजट पारित होगा। इनकम टैक्स की छूट की सीमा 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए की जा सकती है।
- 30 जुलाई : सरकार 6 नए बिल पेश करेगी। इसमें 90 साल पुराना एयरक्राफ्ट एक्ट बिल-1934 बदला जा सकता है।
- 31 जुलाई : जो पहले पेश होगा, उस पर लोकसभा में बहस होगी। यहां से पास होने पर वह राज्यसभा में भेजा जाएगा।
- 1-12 अगस्त: जम्मू-कश्मीर का बजट पेश होगा। 1 अगस्त से सत्र खत्म होने तक सदन के दोनों सदन में बिल पेश होंगे, बहस होगी और पास होने पर, कानून बनने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।





